Monday, September 15, 2008

तुझसे क्या कहू?



खौफ भी संग अपने 'नाक' जोड़ता है,
और 
दर्द की भी अपनी इक 'नाक' होती है, 
साथ ही 
इक 'नाक' शर्म से भी जुडी  रहती है। 
अर्थात,
हर किसी की किंचित 'हद' तय है।  
मगर 
अरे  वो बेख़ौफ़,बेदर्दी और वेशर्म !
अब 
उससे क्या कहें जिसकी 'नाक' ही नहीं।  


दिल्ली/एनसीआर, क्या चिकित्सा मर्ज का मूल मेदांता सरीखे अस्पताल नहीं ?

  चूँकि दिल्ली के मैक्स और हरियाणा  के  फोर्टिस अस्पताल का मुद्दा गरम है, इसलिए इस प्रसंग को उठाना जायज समझता हूँ। पिछले कुछ दशकों से अधिक...