Saturday, May 15, 2010

हमें प्रेरणा लेने की जरुरत है बिहार के इन भाईसहाब से !









इंसान की सोच अगर सार्थक हो तो क्या नहीं हो सकता, एक अपने लल्लू सहाब थे जिन्होंने इस राज्य को अपने स्वार्थों और लूट-खसौट के बल पर नरक बना डाला था, और एक ये जनाव है जो अपने समर्पण के बल पर इस राज्य का नाम रोशन कर रहे है ! जानकर खुशी मिलती है इस बात से कि सार्थक पहल के चलते कम से कम पिछले कुछ सालों से दुनिया के मानचित्र पर बिहार का नाम एक बार फिर से एक अच्छे राज्य के तौर पर लिया जाने लगा है ! विस्तृत खबर यहाँ है ;

Bihar's Super 30 in Time magazine best list

आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों के होनहार बच्चों को मुफ्त में आईआईटी की तैयारी करवाने वाले बिहार के सुपर-30 कोचिंग केन्द्र को टाइम मैगजीन ने बेस्ट ऑफ एशिया 2010 में जगह दी है। संस्थान के संस्थापक और निदेशक आनंद कुमार ने इस पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि सुपर-30 इस बात का उदाहरण बन गया है कि गरीबी और सामाजिक शोषण से निजात पाने के लिए शिक्षा ही एकमात्र हथियार है।

उल्लेखनीय है कि हर साल करीब 2 लाख 30 हजार छात्र आईआईटी संस्थानों में प्रवेश के लिए एग्जाम देते हैं लेकिन उनमें से पांच हजार ही सफल हो पाते हैं। पिछले साल सुपर-30 के 30 छात्र आईआईटी में सलेक्ट हुए थे।

आनंद कुमार के इस कोचिंग सेंटर में एंट्रेंस के लिए स्टूडेंट्स को एंट्रेंस देना होता है। सेंटर के संस्थापक आनंद कुमार पैसों की कमी की वजह से कैंब्रिज में पढ़ाई से चूक गए थे। वह अपनी कोचिंग में सभी छात्रों की स्कॉलरशिप, कमरे और आने-जाने का खर्च उठाते हैं।

इनकी इस सुन्दर पहल को मेरा नमन !



2013:सुपर 30 ने फिर किया कमाल, 28 की IIT में एंट्री




उत्कृष्ट  जनाब !



20 June, 2014:
सुपर-30 के 27 बच्चों ने ‘आईआईटी-जेईई एडवांस्ड’ में मारी बाजी
गणि‍तज्ञ आनंद कुमार की फाइल फोटो


बिहार में गणितज्ञ आनंद कुमार के संस्थान सुपर-30 ने एक बार फिर जबरदस्त परिणाम दिए हैं. इस संस्थान के कुल 30 छात्र-छात्राओं में से इस बार 27 ने ‘आईआईटी-जेईई एडवांस्ड’ एग्जाम में बाजी मारी है. ‘आईआईटी-जेईई एडवांस्ड’ एग्जाम में सफल हुए सुपर-30 के छात्र-छात्राओं में पटना जिले के संडा गांव निवासी एक दैनिक मजदूर का बेटा सुनील सहित खोमचे वाले, किराना दुकानदार और निचले तबके के बच्चे शामिल हैं.

‘आईआईटी-जेईई एडवांस्ड’ एग्जाम में सफल हुए सुनील ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आनंद सर जो गरीब बच्चों के लिए कर रहे हैं वह एक मसीहा कर सकता है और वह उनके पदचिन्हों का अनुसरण करेंगे. इन छात्रों में एक किराना दुकानदार के पुत्र धनंजय कुमार, उत्तरप्रदेश के बिजनौर का अपंग छात्र मणिराम सिंह और नालंदा जिले के निवासी सुधीर शामिल हैं.

आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब बच्चों को इंजीनियरिंग के एंट्रेंस एग्जाम में हॉस्टल की सुविधा के साथ मुफ्त अध्ययन कराने के लिए सुपर-30 की शुरुआत 2001 में हुई थी. इस संस्थान से अब तक 360 बच्चे आईआईटी में एंट्री पा चुके हैं. सुपर-30 से शामिल हुए 344 छात्र-छात्राओं में से कुल 102 ‘आईआईटी-जेईई एडवांस्ड’ एग्जाम में सफल हुए हैं.

इन गुरुदेव को मेरा दंडवत प्रणाम !

Someone has rightly said "If opportunity doesn't knock, build a door"


Super 30  June'15 result: 25 out of 30

A Farmer's Son, Headed to IIT, Writes to Super 30 Founder

Dear Anand Sir:

Thank you. My life will forever be different because of you.

My father is a farmer in Jharkhand's Hazaribag district. We live in a Naxal-affected area. Even a mobile phone and a network that works have been luxuries for people like us who live there. I have a sister who is married and two younger brothers who are studying in school.

My father is a marginal farmer. For five months in a year, when there is no crop in our small field, he goes to Kolkata to work as a labourer in the contruction business. I have grown up in a house where sometimes we did not eat more than one meal a day.

I qualified to go to a Navodaya Vidyalaya or government-subsidized boarding school when I was in Class 8. I particularly remember a senior, Bharat Yadav. He is now an IIT-ian. I always used to think to myself, "He is so bright and hard-working and focused, I can be like him too."

After school, I got to know of Super-30 and I entered your coaching institute through a very rigorous selection process. Anand Sir, you have been my biggest inspiration. See, my family could never have afforded the lakhs that students from better-off families pay at coaching institutes. By teaching me and taking care of my living expenses, you made me confident enough to pursue my dreams of entering an IIT.

I want to study mechanical engineering at IIT Kharagpur. I want to be an entrepreneur and work within India. I think the opportunities for such kind of work have increased immensely in the last few years. I am not one of those who want a life abroad. But yes, I want my parents to see a better life and not work so hard in their old age. I live in a village where the government hospital has been barely functional for years. I want to build a hospital at my village. That's my dream.

My parents are so happy with my success, they are having trouble expressing themselves. I spoke to my mother and she was just overcome with emotion. So was my father.

I do hope that one day the quality of education in schools will become good enough, especially in our villages, so that children like me can also aspire to get into IITs on the basis of what we learn in schools and not at expensive coaching centres. I am lucky to have you, Anand Sir. Many others aren't. 

I owe everything to you.

(Rahul Kumar, 19, has cleared the IIT entrance exam after one year of coaching at the famous Super 30 institute in Bihar run by Anand Kumar, who offers free learning for students from under-privileged families.)
NDTV से साभार 

25 comments:

  1. आजकल शिक्षा के नाम पर जो लूटखसोट हो रही है, उन्हे इस संस्थान से सबक लेना चाहिये।

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  2. बिल्कुल सही कहा. लेकिन सुना जा रहा है कि यहां भी विभाजन हो चुका है...

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  3. ऐसे लोगों को आप की तरहां हमारे मिडिया द्वारा भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। मगर टी.आर.पी का मारा मिडिया तो इस बहस में ही उलझा है की लालू को कुता कहने से लालू का अपमान हुआ के कुत्ते का।

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  4. अरे वाह सर जी
    आज तो आपने बहुत ही कमाल का लेख लिखा हैं
    ऐसे लोगो को प्रोत्साहन देना और उनका प्रचार करना बहुत ही आवश्क हैं .
    आपकी पोस्ट ने अपना काम कर दिया हैं .
    और आभार आपका इस जानकारी के लिए.

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  5. ये लोग तो तपस्वी हैं तपस्वी.

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  6. ऐसे ही लोग भारत में पद्म पुरस्कारों के अधिकारी हैं किन्तु ....

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  7. गोदियाल जी सबसे पहले सार्थकता को सम्मान देने की आपकी सोच के लिए आपका आभार / सुपर 30 जैसे संस्थान की पूरे देश को जरूरत है और इसके लिए हर क्षेत्र के आपके जैसे लोग प्रयास करें तो उसे देश भर के इमानदार लोगों का साथ और सहयोग जरूर मिलेगा जिससे देश और समाज का नक्सा ही बदल सकता है /

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  8. अच्छी प्रस्तुति। बधाई।

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  9. नि‍श्‍चि‍त ही ऐसे ही सैकड़ा भर नि‍स्‍वार्थ प्रयासों से सारा वि‍श्‍व बदल सकता है। पर आई.आई.टी ही नहीं इंसान को इंसान सा बनने की जरूरत ज्‍यादा है।

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  10. कौन है श्रेष्ठ ब्लागरिन
    पुरूषों की कैटेगिरी में श्रेष्ठ ब्लागर का चयन हो चुका है। हालांकि अनूप शुक्ला पैनल यह मानने को तैयार ही नहीं था कि उनका सुपड़ा साफ हो चुका है लेकिन फिर भी देशभर के ब्लागरों ने एकमत से जिसे श्रेष्ठ ब्लागर घोषित किया है वह है- समीरलाल समीर। चुनाव अधिकारी थे ज्ञानदत्त पांडे। श्री पांडे पर काफी गंभीर आरोप लगे फलस्वरूप वे समीरलाल समीर को प्रमाण पत्र दिए बगैर अज्ञातवाश में चले गए हैं। अब श्रेष्ठ ब्लागरिन का चुनाव होना है। आपको पांच विकल्प दिए जा रहे हैं। कृपया अपनी पसन्द के हिसाब से इनका चयन करें। महिला वोटरों को सबसे पहले वोट डालने का अवसर मिलेगा। पुरूष वोटर भी अपने कीमती मत का उपयोग कर सकेंगे.
    1-फिरदौस
    2- रचना
    3 वंदना
    4. संगीता पुरी
    5.अल्पना वर्मा
    6 शैल मंजूषा

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  11. इनके बारे में पहले अखबार में पढ़ चुके हैं, और अब ब्लॉग पर भी देख लिया। हालांकि इस संस्थान के अलावा इनका एक और कोचिंग इंस्टीच्यूट भी चल रहा है, जिसकी फ़ीस अच्छी खासी है। लेकिन फ़िर भी यह प्रयास सराहनीय है, आटे में नमक जितना ही सही, ये समाज के प्रति अपना कुछ तो कर्तव्य निभा ही रहे हैं। और फ़िर सौ प्रतिशत नतीजा, हमारी तरफ़ से इन्हें भी बधाई और आपको भी ऐसी अच्छाईयां हाईलाईट करने की बधाई।

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  12. बहुत अच्छा लगा जानकर. सार्थक पहल. साधुवाद. शायद इससे प्रेरणा ले कुछ और स्थानों पर भी इस तरह की पहल हो.

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  13. बहुत खूब, लाजबाब !

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  14. यही हैं आधुनिक ऋषि! धन्यवाद!

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  15. गोदियाल जी ,
    सुपर थर्टी पर बीबीसी एक डाक्यूमेंट्री बना चुकी है और विश्व में इस संस्थान के डंके पहले ही बज चुके हैं बस भारतीय सरकार की नज़र नहीं पडी है , लेकिन इसमें सरकार का क्या कसूर , उसे मोतियाबिंद है आखिर साठ साल का आजाद बुजुर्ग देश है भाई , इतनी बीमारी तो बनती है उसकी ।

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  16. बहुत अच्छा लगा जानकर. ...
    अच्छी प्रस्तुति..
    बधाई...

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  17. यदि कुछेक लोग भी इनसे प्रेरणा लें सके तो सच में समाज की काया पलटते देर नहीं लगेगी...आपने इस बारे में यहा लिखकर बहुत ही बढिया कार्य किया...
    साधुवाद्!

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  18. बिल्कुल सही गोदियाल साहब आपने ।

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  19. यह है जीवंन की सार्थकता और एक अनुकरणीय काम !

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  20. आनंद सर से २००५ में मिला था.. बेहद सौम्य और अपनी बात साबित करने के जूनूनी व्यक्तित्व के हैं.. इस कोचिंग पर BBC और Discovery पर डाक्यूमेंट्री भी बन चुका है..

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  21. अति प्रसंशनीय प्रयास ।
    इसे उजागर करने के लिए और हम तक पहुँचाने के लिए आपका आभार।

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  22. आनंद कुमार जी की यह पहल अनुकर्णीय और प्रेरणास्पद है ...!!

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  23. bhai des ka bhala kro lakin pale khud ka

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  24. Super 30, we have proude on you, we thank to god that you are in bihar, Mr. A. Kumar

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जब मालूम हुआ तो कुछ ऐसे करवट बदली, जिंदगी उबाऊ ने, शुरू किया नश्वर में स्वर भरना, सभी ब्लॉगर बहिण, भाऊ ने,  निष्क्रिय,सक्रिय सब ...