घरवालो को इन्फ्लेशन की मीनिंग समझाने का नायब तरीका !
हमारी सरकार जो मुद्रास्फीति के आंकड़े पहले हर हफ्ते देती थी और अब महीने में एक बार देती है, उसने हम भारतीयों को बहुत समय से चक्कर में डाल रखा है! महंगाई आसमान छू रही है और यह इन्फ्लेसन है कि कभी नेगेटिव में जाकर डिफ्लेसन हो जाता है और आजकल पोजेटिव में एक और दो प्रतिशत के बीच झूल रहा है, जबकि वास्तविकता में इसे होना १००% से भी ऊपर चाहिए था! खैर, सब सरकार की और आंकड़े इकठ्ठा करने वालो की मेहरवानी समझिये, जो इसे आंकड़ो की पहली सीढी पर ही रोके खड़े है! दूसरी तरफ ये खबरिया चैनलों की मेहरवानी समझो कि घर में जिसे देखो, वही पूछे फिरता है कि अजी सुनते हो, ये इन्फ्लेसन क्या होता है? अब इन्हें कैसे समझाए इन्फेसन की परिभाषा !
मुझे अभी-अभी एक इ-मेल मिला है, मैं समझता हूँ कि यह समझाने का सबसे नायाब तरिका हो सकता है जो अपने सरदार जी ने अख्तियार किया है, अत: सोचा कि शायद आप भी मेरी ही तरह की परेशानी से जूझ रहे होंगे तो यह शायद आपकी भी कुछ मदद करे :) ;
मुझे अभी-अभी एक इ-मेल मिला है, मैं समझता हूँ कि यह समझाने का सबसे नायाब तरिका हो सकता है जो अपने सरदार जी ने अख्तियार किया है, अत: सोचा कि शायद आप भी मेरी ही तरह की परेशानी से जूझ रहे होंगे तो यह शायद आपकी भी कुछ मदद करे :) ;

Labels: TirchiNazar
12 Comments:
बहुत सुन्दर परिभाषा
हहहहहह क्या तरीका है जी...
पढते वक्त तो थोडा सीरियस था पर फिर हँसता ही चला गया।
"सबसे नायाब तरिका हो सकता है जो अपने सरदार जी ने अख्तियार किया है "
पाबलाजी टु नोट :) :)
यह तरीका बहुत बढ़िया लगा!
वल्ले वल्ले यह तरीका तो हमारी समझ मै झट से आ गया, मजे दार
ओह मैंने तो बड़ी मेहनत की थी इन्फ्लेशन समझने में...नादान ही था....
गोदियाल सर..ऊपर की पंक्तियों में आपकी चिंता से सहमत..और बाकि नीचे वाली पंक्तियाँ कईयों को सुना चूका हूँ...
वाह सरदार जी ने तो बढ़िया सिखाया कि इन्फ्लेशन क्या होती है...मजेदार प्रस्तुति आभार!!!
बहुत सही...ये तो हम मित्रों को भेजेंगे.
ha !ha !ha!
:D..kis ka banaya cartoon hai?bahut badhiya..
आहा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा, बस अब और नही पेट दुखने लग गया।
oye hoye............
gazab bhayo raamaa zulum bhayo re...
ha ha ha ha ha ha ha ha ha
kya kahne !
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