Saturday, September 3, 2022

उम्मीद..

'उसूल' तो कुछ थे ही नहीं,

जिनके दूर हो जाने का डर सताता,

सिर्फ़, मेरे ख्वाबों का अनुसरण ही, 

बता सकता है, मुझे रास्ता।

4 Comments:

Blogger संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

वाह 👌👌👌

Saturday, 03 September, 2022  
Blogger डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा आज रविवार 4 सितम्बर, 2022 को     "चमन में घुट रही साँसें"   (चर्चा अंक-4542)  (चर्चा अंक-4525)
   
पर भी होगी।
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कृपया कुछ लिंकों का अवलोकन करें और सकारात्मक टिप्पणी भी दें।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
--
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'  

Sunday, 04 September, 2022  
Blogger रंजू भाटिया said...

सुंदर

Monday, 05 September, 2022  
Blogger मन की वीणा said...

बहुत खूब!!

Monday, 05 September, 2022  

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