Monday, September 15, 2008

तुझसे क्या कहू?



खौफ भी संग अपने 'नाक' जोड़ता है,
और 
दर्द की भी अपनी इक 'नाक' होती है, 
साथ ही 
इक 'नाक' शर्म से भी जुडी  रहती है। 
अर्थात,
हर किसी की किंचित 'हद' तय है।  
मगर 
अरे  वो बेख़ौफ़,बेदर्दी और वेशर्म !
अब 
उससे क्या कहें जिसकी 'नाक' ही नहीं।  


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11 Comments:

Anonymous ई-गुरु राजीव said...

कटु सत्य

यदि ब्लॉग सम्बन्धी किसी जानकारी की ज़रूरत हो तो आप मेरा ब्लॉग देखें.
'ब्लॉग्स पण्डित'
http://blogspundit.blogspot.com/

Monday, 15 September, 2008  
Anonymous Shastri JC Philip said...

हिन्दी चिट्ठाजगत में इस नये चिट्ठे का एवं चिट्ठाकार का हार्दिक स्वागत है.

मेरी कामना है कि यह नया कदम जो आपने उठाया है वह एक बहुत दीर्घ, सफल, एवं आसमान को छूने वाली यात्रा निकले. यह भी मेरी कामना है कि आपके चिट्ठे द्वारा बहुत लोगों को प्रोत्साहन एवं प्रेरणा मिल सके.

हिन्दी चिट्ठाजगत एक स्नेही परिवार है एवं आपको चिट्ठाकारी में किसी भी तरह की मदद की जरूरत पडे तो बहुत से लोग आपकी मदद के लिये तत्पर मिलेंगे.

शुभाशिष !

-- शास्त्री (www.Sarathi.info)

Monday, 15 September, 2008  
Anonymous शोभा said...

आप हिन्दी में लिखते हैं. अच्छा लगता है. मेरी शुभकामनाऐं आपके साथ हैं.

Monday, 15 September, 2008  
Anonymous कविता वाचक्नवी Kavita Vachaknavee said...

नए चिट्ठे का स्वागत है.
निरंतरता बनाए रखें.
खूब लिखें, अच्छा लिखें.

Monday, 15 September, 2008  
Anonymous रश्मि प्रभा... said...

tej se bhara satya.......
shubhkamnaayen

Monday, 15 September, 2008  
Anonymous Udan Tashtari said...

हिन्दी चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है. नियमित लेखन के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाऐं.

वर्ड वेरिपिकेशन हटा लें तो टिप्पणी करने में सुविधा होगी. बस एक निवेदन है.

Tuesday, 16 September, 2008  
Anonymous प्रदीप मानोरिया said...

आपका ब्लॉग जगत में स्वागत है आप हिन्दी में लिखते हैं खुशी की बात है आपकी कलम बहुत पैनी है
हमारे ब्लॉग पर भी पधारें

Tuesday, 16 September, 2008  
Anonymous शहरोज़ said...

सलाम-नमस्ते!
ब्लॉग की दुनिया में हार्दिक अभिनन्दन!
आपने अपनी व्याकुलता को समुचित तौर से व्यक्त करने का प्रयास किया hai.
अच्चा लगा, इधर आना.

फुर्सत मिले तो आ मेरे दिन-रात देख ले

http://shahroz-ka-rachna-sansaar.blogspot.com/

http://hamzabaan.blogspot.com/

http://saajha-sarokaar.blogspot.com/

Tuesday, 16 September, 2008  
Anonymous सजीव सारथी said...

नए चिट्टे की बहुत बहुत बधाई, निरंतर सक्रिय लेखन से हिन्दी ब्लॉग्गिंग को समृद्ध करते रहें.

आपका मित्र
सजीव सारथी
आवाज़

Sunday, 21 September, 2008  
Anonymous पी.सी.गोदियाल said...

My sincere thanks to all of you for your good wishes. Was busy with some other works so could not visit this page on regular basis for a couple of weeks.

Kindest regards,
PCG

Monday, 13 October, 2008  
Anonymous प्रकाश बादल said...

आपका स्वागत है इसी तरह लिखते रहें

Thursday, 18 December, 2008  

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