आज का जोक- ए.टी.एम् मशीन !
हम हिन्दुस्तानियों के लिए शायद यह खबर बहुत मामूली सी थी , इसलिए किसी ने इसे तबज्जो देना तो दूर, इस पर गौर करना भी मुनासिब नहीं समझा !
और खबर यह थी कि देश की राजधानी से सटे ग्रेटर नोएडा में अपने देश के कुछ भूखे-नंगे, आई-सी-आई-सी-आई बैंक की ए.टी.एम् मशीन ही ले उड़े, जिसके अन्दर बताया जाता है कि ३२ लाख का कैश था ! हा-हा-हा-हा-हा-हा-हा-हा-हा-हा.....
हैं न जोक मजेदार ! मुझे हंसी उन भूखे-नंगो पर नहीं, वरन बहनजी और मौन सिंह जी के सुशासन पर आ रही है ! मेरा भारत महान !
और खबर यह थी कि देश की राजधानी से सटे ग्रेटर नोएडा में अपने देश के कुछ भूखे-नंगे, आई-सी-आई-सी-आई बैंक की ए.टी.एम् मशीन ही ले उड़े, जिसके अन्दर बताया जाता है कि ३२ लाख का कैश था ! हा-हा-हा-हा-हा-हा-हा-हा-हा-हा.....
हैं न जोक मजेदार ! मुझे हंसी उन भूखे-नंगो पर नहीं, वरन बहनजी और मौन सिंह जी के सुशासन पर आ रही है ! मेरा भारत महान !
Labels: TirchiNazar
23 Comments:
nice
बहुत सुंदर-सुशासन मे कभी ऐसा भी होता है।
ऐसी ही एक खबर थोड़े दिन पहले हमने बतायी थी जब चोर जबलपुर से एक ए.टी.एम. ले उड़े थे।
माया के राज में माया उड़ाना कोई अपराध नही है ........ बस माय उड़ाने वाले माया का ख्याल रखें .........
ए.टी.एम मशीन उड़ाने का अब जैसा धंधा चल पड़ा है . जबलपुर से भी चोरो ने एक ए.टी.एम मशीन चोरी कर उड़ा दी थी .. अभी हाल में पकडे गए चोरो में एक मंत्री का भतीजा था ....
बढिया जानकारी। माया और मनमोहन वाह रे जोड़ी?
कहीं कुछ और ही तो बात नहीं?
हम ही चोर हम ही सिपाही,
तिजोरी तुम्हारी, माया हमारी। :)
एक जोक है कि अगर बहिन जी अगर बहन हैं तो कांशीराम क्या ?
जवाब है:--- जीजा
यह जोक आज से दस साल पहले बहुत मशहूर हुआ था.... वैसे बहिन जी... के राज में बहुत कुछ हो रहा है... जिस पर लोगों ने आँखों पर पट्टी चढ़ा रखी है.....
महान के ऊपर एक और बहुत धांसू जोक है.... उसे मेल करूँगा आपको....
लखनऊ से बाहर था.... इसीलिए लेट आया ....
इससे माया की माया मे कौन सी कमी आजायेगी?:)
रामराम.
सतत सजगता का परिणाम
vah.........
धन्य हुए ऐसी खबर सुन कर!!!
सही है, बूटी न मिले तो पर्वत ही ले चलो।
अब क्या कहे,
माया महाठगनी हम जानि :)
Internet ka jamana hai. abhi tak bank ki website ko hijack karte rahe hai, ab bank ke bachchon (ATM)ko kidnap karte hai//ha..ha..ha
समय बच गया तोड़ने का
वाह बहुत बढ़िया!
sahi hai booti na sahi poora pahad hi sahi
अरे बाबा...ये गरीब दुविधा में थे...
राम तो मिले नहीं सो 'माया' ले उड़े...:):)
sir I would like to thank you for your reply to Aziz burney on 02 jan 10. did you notice that how secular he is and how he is mis guiding the youth . we must definately do something to reply such people.
thanks
Aaditya
Aaditya.rathore18@gmail.com
Dear Adityaji, Thank you very much. Yes, and its a duty of every citizen, youth in particular to give befitting reply to those black sheeps.
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