Thursday, January 7, 2010

बिल्डिंग रिलेशनशिप्स !

आज भोर पर जब 
मैं घर से बाहर आया ,
तो देखा कि 

चहु ओर घना कुहरा  है छाया !

तभी मुझे नजर आया  

गली में सामने से पड़ोसी मिश्रा जी 
इधर से उधर आ रहे थे,
अपनी बिल्डिंग 
से
पड़ोसन की बिल्डिंग को लाल धागे से 
बार-बार बांधे जा रहे थे !

कौतुहलबश 

मैंने भी हिला दिए अपने लिप्स !
जबाब में वे बोले कि 

उनके राशिफल में लिखा है;
"दिस इज अ गुड डे फॉर बिल्डिंग रिलेशनशिप्स" !!.

21 comments:

  1. गुड रिलेशनशिप

    हा हा हा
    एक लाल धागे से भविष्य फ़लित हो गया

    ReplyDelete
  2. ओहोहो...कमाल का तरीका निकाला रिलेशन शिप बिल्ड करने का.:) बहुत जोरदार.

    रामराम.

    ReplyDelete
  3. भईया बनारस तो नहीं पहुच गयें थे आप ।

    ReplyDelete
  4. गोदियाल जी मै ही तो था जो प्रीत की डोरी बांध रहा था .... उस समय कुहरा था ... हा हा . बेहतरीन रचना प्रस्तुति के लिए आभार.

    ReplyDelete
  5. ha ha ....achchaa hai building love badhegaa girengi to sath sath

    ReplyDelete
  6. वाह-वाह। वाह-वाह। हंसी थम ही नहीं रही है।

    ReplyDelete
  7. ई तो बिना फ़ौंडेसन के है जी :)

    ReplyDelete
  8. हा हा हा ! मजेदार !
    आज से हम भी दूसरों के राशिफल देखने लगते हैं।
    वैसे अपना तो कभी देखा नहीं।

    ReplyDelete
  9. हा हा हा शुभकामनायें

    ReplyDelete
  10. गुरू मान गए। क्या बात निकालकर लाएं हैं। इसको कहते हैं कुछ नया कर गुजर जाना।

    ReplyDelete
  11. बिल्डिंग रिलेशनशिप्स बहुत खुब. मजेदार जी

    ReplyDelete
  12. राखी के धागों से बढ़िया रेलेशलशिप बनाया है!

    ReplyDelete
  13. लाल धागा ... येन बद्धो बलीराजा दानेन्द्रो महाबला ........

    ReplyDelete
  14. हा हा! मजेदार रिलेशनशिप

    ReplyDelete
  15. वाहृ-वाह
    बढ़िया है अनोखा है
    बहुत ही नायाब
    संबंध बांघने का तरीका है...

    ReplyDelete
  16. bahut badiya...khushi hui padh kar :)

    ReplyDelete

ब्लॉगिंग दिवस !

जब मालूम हुआ तो कुछ ऐसे करवट बदली, जिंदगी उबाऊ ने, शुरू किया नश्वर में स्वर भरना, सभी ब्लॉगर बहिण, भाऊ ने,  निष्क्रिय,सक्रिय सब ...