ये दुनियां चलायमान है मूरख!
इस कदर करता किस बात पर अभिमान है , ये दुनियां चलायमान है मूरख, ये दुनियां चलायमान है। भाई-भतीजा, गांव-गदेरा, जाना तय है और अन्तकाल मा कोई न तेरा, फिर किस बात का, तुझे इतना गुमान है। ये दुनियां चलायमान है मूरख, ये दुनियां चलायमान है। । अच्छा -बुरा नीति-अनीति , इनमे से ही है तय करना, निष्पादन जैसा , प्रतिफल भी वैसा ही भरना, कुछ ऐसा ही जगत का अपना एक विधान है। ये दुनियां चलायमान है मूरख, ये दुनियां चलायमान है। । चरित्र मुट्ठी में बंद बालू है फिसल न जाये, पकड के रख, प्रतिष्ठा गतिवान है खिसक न जाए ,जकड के रख, लोभ की आंधियो में जो डगमगाये वो ईमान है। ये दुनियां चलायमान है मूरख, ये दुनियां चलायमान है । ।