सबक !
जी भर के जी ले अभी ऐ जिन्दगी , फिर परेशान नजर आएगी, झुकी-झुकी सी कमर, लड़खड़ाते कदम, हैरान नजर आएगी, आइना सामने, चेहरे पे झुर्रियां, पशेमान नजर आएगी, दिल बंद हो गया धड़कना जिस दिन, बे-जान नजर आएगी।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !