'कर' खा गए !
भूखे-नंगे,लालची,हरामखोर परजीवी, 'पेट-भर' खा गए, जो मेहनत की आय का भरा था मैने, वो 'कर' खा गए। टूजी, सीडब्ल्युजी, बैंक,एलआइसी, आदर्श 'हर' खा गए, जो मेहनत की आय का भरा था मैने, वो 'कर' खा गए। कोड़ा, कोयला,क्वात्रोची, आइपीएल,चारा और हवाला, तेलगी, हर्षद, केतन, सत्यम, दामाद जमीन घोटाला, और तो और ये कारगिल शहीदों के भी 'घर' खा गए, जो मेहनत की आय का भरा था मैने, वो 'कर' खा गए। कुल २० हजार खरब खा चुके, वुभुक्षित कितना खाते है, कर्म से तो हैं ही, शक्ल से भी चोर नजर आते है, घोटाले-कर करके जुगाली में ही देश चबा गए, जो मेहनत की आय का भरा था मैने, वो 'कर' खा गए।