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Showing posts from November, 2014

जोरू-दासत्व

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हुई जबसे शादी, जीरो वाट के बल्ब की तरह जलता हूँ,    यूं  तो पैरों पे अपने ही खड़ा हूँ मगर, रिमोट से चलता हूँ। माँ-बाप तो पच्चीस साल तक भी नाकाम रहे ढालने में, अब मोम की तरह बीवी के बनाये, हर साँचे में ढलता हूँ।   न ही काला हूँ, कलूटा हूँ,  न ही गंजा हूँ और न लंगड़ा हूँ , फिर भी उससे दहशतज़दा हूँ, उसकी नजरों में खलता हूँ।      डोर से बँधी इक पतंग सी बन कर  रह गई है जिंदगी ,   सब  ठीक हो जाएगा यही समझाकर दिल को छलता हूँ।   हकीकत तो ये है कि खुद कमाकर पालता हूँ पेट अपना , किंतु एहसास ये मिलता है,किसी के टुकड़ों पर पलता हूँ।    जोड़ी थी जिसने जन्मपत्री, बेड़ा-गरक हो उस पंडत का,    उजला भी काला दिखे अब तो 'परचेत',  आँखें मलता हूँ।    

'मनु' का इतिहास और दीमक की 'बाम्बी' !

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'कुतरा',  टुकड़ा-टुकड़ा बीजकों का, कुछ भी न बचा, दीमक 'अभिषेक ' खा गए, इतिहास 'मनु 'का रचा।   दंग रह गए देशभर के, तमाम लगान महकमे वाले,  बलाघात देने वालो को ही, धूर्त देना चाहते हैं गच्चा।   तारीफे-काबिल लगती है इनकी, ये हाथ की सफाई,    निन्यानबे के फेर में कमवख्तों ने,करोडो लिए पचा। दफ्तर था चार्टर्ड अकाउंटेंट का, या दीमक की बांबी,  देख दुर्गत वाउचरों की, न्यायतंत्र का भी माथा तचा।  निगला देश सारा,सालों कोलगेट, टूजी-ब्रश करते रहे,  सूबे का जब सुलतान बदला, कोहराम तब जाके मचा।      भविष्य उज्जवल नजर आता है इनका तो 'परचेत',      शठ-अपवंचक अगर दीमकों को, यूं ही देते रहे नचा।          

लघु-व्यंग्य:- गई भैंस एयरपोर्ट में !

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बड़े-बड़े दावे करने वाली मोदी सरकार की सुरक्षाखामियों की पोल आखिरकार खोली भी तो किसने,  भैंस ने।  यह सरकार खुद दिल्ली में बैठकर बड़े-बड़े वादे  कर  रही है, और यहां से करीब हजार-बारह सौ किलोमीटर दूर भैंसे अतिसंवेदनशील इलाकों में अतिक्रमण पर आमादा हैं। भैस के दुस्साहस से खिंसियाई सरकार जहां अपनी सफाई में यह तर्क दे रही है कि चूँकि भैंस का रंग काला होता है, इसलिए एयरपोर्ट पर तैनात सुरक्षाकर्मी रात के अँधेरे में घुसपैठ रोकने में नाकामयाब रहे होंगे।  वहीं विपक्ष को भी बैठे-बिठाए एक गंभीर मुद्दा मिल गया है है और वह सरकार पर यह  तंज कसने से  बाज नहीं आ रही है कि जो सरकार एक काली भैस को न ट्रेस कर सके वह भला काले बुर्केधारी इसीस अथवा अलकायदा को क्या ख़ाक ट्रेस कर पाएगी।    उधर नाम न बताने की शर्त पर गुजरात सरकार के एक आलानेता ने आरोप लगाया है कि यह सारी घटना साजिशन हुई है।  भैस आजमखान साहिब की रही होगी और चूँकि आदित्यनाथ जी के आजमखान साहिब पर  हालिया बयान से वह खासा नाराज थी, अत:  लखनऊ से चुपके से प्रधानमन्त्री जी के ...