चुनौती..
हिम्मत है तुझमें तो तू निकल के दिखा,
मुख से, पेट से, दांतों या फिर आंखों से,
ऐ मेरे दर्द, अब तू बच नहीं सकता, क्योंकि
मैने तुझे बांध दिया है, जिंदगी की सलाखों से।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !