ए दुनियांदारी है कि होती नहीं टस से मस , जिधर झांको निन्यानबे का ही फेर है, बस, तीन सौ पैंसठ दिन यूं ही चलती है जिन्दगी, आज बडा दिन है, छोड़ दो सारी कशमकश। मैंरी क्रिसमस !!
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !