अब चित्रकार द्बारा भयादोहन ( ब्लैक मेलिंग ) !
पता नहीं, इस देश में इन तथाकथित अल्पसंख्यको की भयादोहन की मानसिकता कब सुधरेगी ! पता चला है कि एक खबरिया टीवी चैनल को दिए अपने साक्षात्कार में, कानून से बचकर भागते हुए पिछले चार सालों से विदेश में रह रहे वरिष्ट चित्रकार ९४ वर्षीय श्री मकबूल फिदा हुसैन ने इस शर्त पर तत्काल देश लौटने की इच्छा जाहिर की है कि यदि सरकार उन्हें संरक्षण और सुरक्षा मुहैया कराये तो वो तुंरत ही स्वदेश आने को बेताव है, और आकर तुंरत चिदम्बरम साहब का आदाब भी करेंगे ! जहाँ तक कला की बात है, मैं चित्रकारी के विषय में बहुत ज्यादा ज्ञान तो नहीं रखता, मगर जितना कुछ रखता हूँ उसके आधार पर कह सकता हूँ कि निसंदेह हुसैन साहब एक अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चित्रकार है, चाहे वो जिस आधार पर भी बने हो! चूँकि आज स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी की पुण्य तिथि है, इसलिए मुझे याद आ रहा है कि एक जमाना था, जब ये हुसैन साहब स्वर्गीय गांधी को खुश करने हेतु और खुद को प्रकाश में लाने हेतु उनकी भिन्न-भिन्न दुर्गा रूपी तस्वीरे बनाया करते थे, और जब थोडा सा प्रसिद्धि पा ली, तो इन्होने दुर्गा को किस रूप में पेंट किया, किसी को बताने की जरुरत मैं ...