भैंस, भैंस की बात ठहरी।

ना ही अभिमान करती, ना स्व:गुणगान गाती,

ना ही कोई घोटाला करती, न हराम का खाती,

स्वाभिमानी है, खुदगर्ज है, खुल्ले में न नहाती,

इसीलिए हमारी भैंस, कभी पानी में नहीं जाती।

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