आरज़ू

मंजूर तेरी हर ख्वाहिश, भले ही तू मेरे पास मत रहना,

बस, इतनी सी आरज़ू है , अकेले तू उदास मत रहना।

Comments

Popular posts from this blog

यूं भी बावफा होते है लोग !

धार्मिक भावनाएं क्या हुई, कोई छुई-मुई हो गई !

'नारी' की चिंता में दुबले कुछ ब्लॉगर मित्र !