Friday, July 10, 2026

गुस्सा

अपनी हर परेशानी का सबब, मैं तेरे मूंह पे फेंक देता,

गर ये कश्ती का मुसाफिर 'परचेत', समंदर देख लेता।


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गुस्सा

अपनी हर परेशानी का सबब, मैं तेरे मूंह पे फेंक देता, गर ये कश्ती का मुसाफिर 'परचेत', समंदर देख लेता।