Tuesday, July 7, 2026

अधूरा शेर....4

यही पूछने को बेताब है 'परचेत' जमाने भर से कि 

आखिर दीखता कैंसा होगा पलकों का शामियाना ।

1 Comments:

Blogger सुशील कुमार जोशी said...

सुंदर

Saturday, 11 July, 2026  

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