Tuesday, June 23, 2026

एक पुष्प की अभिलाषा।

 मुझे चाहिए इक ऐसा दूल्हा,

घर मे फूक सके जो चूल्हा,

करे जो मन, कभी झूलन को झूला,

दर्द करे ना कोई उसका

पिंडली, एंडी और कूल्हा,

मुझे चाहिए इक ऐसा दूल्हा,

घर मे फूक सके जो चूल्हा।

2 Comments:

Blogger सुशील कुमार जोशी said...

हा हा

Wednesday, 24 June, 2026  
Blogger पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

🙏🙏

Wednesday, 24 June, 2026  

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