Wednesday, June 10, 2026

समाप्त होता अध्याय ....

बिन पिए और बिना कुछ कहे,

आज वो चुपचाप सो गया है,

लगता है जिंदगी का खज़ाना

'परचेत', अब खत्म हो गया है।



1 comment:

विडम्बना

हमने तो बस उन्हें  जिंदगी के एग्जाम की सलाह दी थी, नही मालूम था कि वो, इल्जाम लगाने मे इतने माहिर होगें।