वतन-ए-हिंद से लग्न लगानी है तो,
वक्ष पे 'राम' लगाना होगा।
'धर्म-निरपेक्षता' की कपट प्रवृत्ति को
अब 'वीराम' लगाना होगा ।।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
तेरी याद आना गुज़रे जमाने की बात हो गई, पानी का गिलास सामने टेबिल पर पड़ा देखकर, अब तो हिचकियों भी नहीं आती।
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