मार-मार कर भी एक “सच्चा मुसलमान” बनाने की कवायद, कैसे, आइये देखें ?
चित्र दैनिक हिन्दुस्तान के सौजन्य से !
दीनी तालीम हासिल करने के लिए दिल्ली के मदरसे में दाखिला लिए बच्चों के साथ मारपीट व अश्लील हरकत करने का मामला सामने आया है। मदरसे से भाग कर शनिवार सुबह पुराने गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर बदहवास हालत में भटक रहे चार किशोरों ने आपबीती सुनाकर मामले का खुलासा किया। पूरी खबर यहाँ पढ़ सकते है !
Labels: TirchiNazar
20 Comments:
इस खबर को पढ़वाने के लिये धन्यवाद गोदियाल जी!
इस जानकारी के लिए आभार
शिक्षा और उसे देने के तरीके में समानता नजर आ रही है.
kya sach memusalman ko mar mar kar banaya
इस समाचार के लिये धन्यवाद जी
संजय जी की बात से सहमति है
प्रणाम स्वीकार करें
'सच्चा मुसलमान', 'पूर्णत: मानसिक गुलाम' का पर्यायवाची है!
ए काफ़िरो....
तुम क्या जानो ये दीन-ए-इलाही क्या है?कैसे मजहब के लिए मर मिटने (या मार-मिटने) वाले सरफिरे तैयार किये जाते है?सच्ची पिटाई ही सच्चा जज्बा भर सकती है!
बाकी संजय जी ने बढ़िया बात कहीं है!
कुंवर जी,
समाचार के लिये धन्यवाद
संजय जी की बात से हम भी सहमत है
Thanks for this awarness to all your reader
इस पर भी प्रचारक टाईप के लोग कहेंगे कि मैं सबसे अच्छा...
या अल्लाह् रहम कर!!
संजय जी की बात से हम भी सहमत है
Aapne ek achhi khabar dikhaya hai. yehi hai unka stya . Aur staya hai unki vichar dhara. Kash koi mushlim bloger bandhu bhi ise dekhe aur tippdi de.
puri duniya main wo isi tarah se raj karne ka sapna dekh rahe hain.
देखिये धर्म के नाम पर किस तरह अधर्म किया जा रहा है?आखिर मासूमों पर जुल्म ढा के कौनसी शिक्षा दी जा रही है?इस खबर को पढ़वाने के लिये धन्यवाद !!
एक बेहतरीन लेख.....
कोई समझे तो क्या नहीं हो सकता
YE Muslim bhi PURE ichhadhari banne ki koshish kar rahe hain.
kyun?
सन्जय जी ने १०० बातो की एक बात कह ही दी
संजय से सहमत!
इस पर कुछ कहना कहीं सांप्रदायिक तो नहीं हो जाएगा?
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जय हिन्द, जय बुन्देलखण्ड
एक ख़ास बात यहाँ पर यह भी गौर करने लायक है कि इस सारे प्रकरण में हमारा सेक्युलर मीडिया लगभग खामोश ही रहा! यह भी खबर न आई कि किस-किस को गिरफ्तार किया गया ! अगर यह शर्मनाक घटना किसी हिन्दू संघठन से जुडा मामला होता तो ये अब तक .........!!!!!!
गौदियाल साहब ... पहले ये बताएँ अभी तक आपका कोमेंट बॉक्स खुला नही था ... कल भी मैने देखा था ... ये अभी खोला है या मेरे कंप्यूटर पर कोई गड़बड़ थी ...
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