Thursday, May 6, 2010

भई आखिर इंडिया ससुर जी की प्रोपर्टी जो ठहरी, ऊपर से सालो की कृतज्ञंता भी काबिले-तारीफ़ !


उनके लिए हैदराबाद क्रिकेट एसोशियेशन बोले तो साले लोगो की जमात, और जिमखाना बोले तो ससुर जी की प्रोपर्टी ! जी गलत मत समझिये, बिलकुल सही कह रहा हूँ ! कुछ ऐंसा ही मामला है ! जवाईं राजा जब से बिटिया रानी के साथ पाकिस्तान से लौटे है , शहर भर के चाचाससुर और ताऊससुर उनकी खिदमत में कोई गुस्ताखी नहीं होने दे रहे! शहर भर के साले लोग जीजा जी की आवाभगत में अपना सब कुछ न्योछावर करने पर आमदा है! जीजाजी जिस गली का रुख करते है, कृतज्ञं साले लोग उनके स्वागत के लिए वहीं लंबलेट हो जाते है!

इन जवाईं राजा पर उनके देश की क्रिकेट एसोशियेशन (पीसीबी ) ने इस वर्ष मार्च में एक साल के लिए बैन लगा दिया था ! लेकिन ससुराल ( हैदराबाद ) आकर जनाव खूब प्रैक्टिस कर रहे है ! कल यानी बुधवार को उन्होंने हैदराबाद क्रिकेट एसोशियेशन की नाक तले जिमखाना में एक घंटे तक प्रेक्टिस की! उनके साथ में उनकी पत्नी और हैदराबाद क्रिकेट एसोशियेशन के पूर्व सचिव वी चामुंडेश्वरनाथ भी थे! आपको याद होगा कि सन २००० में मैचफ़िक्सिंग के आरोपों के बाद इंडियन क्रिकेट बोर्ड द्वारा अजहरुद्दीन पर जीवन पर्यंत बैन लगाए जाने के बाद उन्हें देश और विदेश के किसी भी क्रिकेट मैदान पर खेलने नहीं दिया गया ! लेकिन जवाईं राजा की आवाभगत में, वह भी तब जबकि जवाईं राजा पाकिस्तान के हों , अपना देश भला कैसे ऐसी गुस्ताखी कर सकता हैं ? विस्तृत खबर कृपया यहाँ पढ़े !

Labels:

12 Comments:

Blogger kunwarji's said...

दो बहुत ही प्यारे पड़ोसियों कि साख का सवाल है!उनकी आपस की समरसता(जो बस आने ही वाली है) का सवाल है,या ख्याल है!

कुंवर जी,

Thursday, 06 May, 2010  
Blogger राज भाटिय़ा said...

लानत है इन सब पर जो इन की टट्टी भी खाने को तेयार है.

Thursday, 06 May, 2010  
Blogger Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून said...

इसे ही पगलैटपन कहते हैं शायद.

Thursday, 06 May, 2010  
Blogger VICHAAR SHOONYA said...

अरे भै जी मेरे भी बिलकुल यही ख़यालात थे जब यह खबर पढ़ी थी तो। ये भारत के जयचंद ही हैं जो इस देश मिटटी को अपनी जागीर समझते हैं और किसी को भी बेच सकते हैं। मैं कभी किसी दोषी का समर्थन तो नहीं कर सकता पर जब दो दोषियों में से एक अपना हो तो उसे ही चुनुगा। अगर दुसरे देश का सजायाफ्ता मुजरिम हमारे देश में खेल सकता है तो हमारा अपना अजहरुद्दीन क्यों नहीं । मैं आपसे पूरी तरह से सहमत हूँ।

Thursday, 06 May, 2010  
Blogger Sulabh Jaiswal "सुलभ" said...

हमारे पूर्व कप्तान अजहरुद्दीन को जरुर दुःख पहुंचा होगा..

Thursday, 06 May, 2010  
Blogger दिगम्बर नासवा said...

अब इतना तो ख्याल रहते ही हैं दामाद का .... फिर हम हिन्दुस्तानी तो वैसे भी बहुत उदार हैं ... फिर वो अल्पसंख्यक भी तो हैं ....

Thursday, 06 May, 2010  
Blogger भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

धर्मनिरपेक्ष पड़ोसी हैं आखिर....

Thursday, 06 May, 2010  
Blogger डॉ. महफूज़ अली (Dr. Mahfooz Ali) said...

बिलकुल सही और मेरे जैसे तेवर के साथ......... बहुत जानदार पोस्ट....

Friday, 07 May, 2010  
Blogger दीपक 'मशाल' said...

itne chakkar maar gaya par samajh nahin aa raha tha ki comment kaha karoon?? :)
are abhi to jamaain aaya hai uske baki ke nishkashit dost bhi jald hi aayenge aur bharat me rahkar uske khilaaf khelne ki practice karenge..

Friday, 07 May, 2010  
Blogger अजय कुमार said...

कहीं इसीलिये तो शादी---?? क्योंकि अपने देश में तो पाबंदी लगी है ।

Friday, 07 May, 2010  
Blogger SANJEEV RANA said...

गोदियाल साहब आपको नही लगता की आप उनके सुख में रोड़ा बन रहे हो .
क्यों आपको नही लगता की आपको जलन हो रही हैं.
क्यों गलत कहा क्या मैंने .

Friday, 07 May, 2010  
Blogger SANJEEV RANA said...

हम हिन्दुस्तानी हैं हमने तो कसाब जैसो पर जिन्होंने हमारे मुंबई की माँ .....एक कर दी(मेरी भाषा के लिए माफ़ी चाहूँगा पर क्या करू गुस्सा बहुत आया )पर पचास करोड से अधिक खर्च कर दिए.

और वो तो ठहरे जमाई राजा .
उनका तो ओहदा फिर भी काफी बड़ा हैं.
फिर मन खराब करने वाली कौन सी बात हैं इसमें .

Friday, 07 May, 2010  

Post a Comment

Subscribe to Post Comments [Atom]

<< Home