Monday, May 11, 2020

डियर कोरोना ! ये मेरा इंडिया...

चुपचाप निकल पडे अकेले ही डगर अपनी,
कलंकित न होने दी, देशभक्ति मगर अपनी।

सब सहा, न किसी पर पत्थर फेंका,न थूका,
न किसी की गाड़ी जलाई, ना ही घर फूका।

कर सकते थे वो, जिद पे आते अगर अपनी,
कलंकित होने न दी, देशभक्ति मगर अपनी।

मैं न तो कमिनस्ट हूँ और न ही देश की विद्यामान तुच्छ राजनीति, वो चाहे सत्ता पक्ष की हो दोयम विपक्ष की, का समर्थक हूँ। हां, कोई संजीदा मोदीभक्त अगर यहां ब्लॉग पर मौजूद हो और बुरा न माने  तो, सविनम्र 🙏 एक सवाल जो हफ्तों से मेरे जहन को उद्द्वेलित कर रहा है, पूछना था;  लॉकडाउन की शुरुआती घोषणा के वक्त जिन रेल गाडियों को सजा धजाकर चीन से भी बडा कोरोना हास्पिटल बनाये जाने की बात चल रही थी, उनमे इस वक्त कितने कोरोना मरीजों का ईलाज चल रहा है?
Corona is ugly dark and deep,
but we  have promises to keep.
And miles to go before we sleep,
and miles to go before we sleep.



5 Comments:

Blogger डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (13-05-2020) को   "अन्तर्राष्ट्रीय नर्स दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ" (चर्चा अंक-3700)    पर भी होगी। 
-- 
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। 
--   
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।  
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सादर...! 
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' 

Tuesday, 12 May, 2020  
Blogger पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

आभार, शास्त्री जी।

Tuesday, 12 May, 2020  
Blogger Onkar said...

सही कहा

Wednesday, 13 May, 2020  
Blogger मन की वीणा said...

सटीक।

Wednesday, 13 May, 2020  
Blogger पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

आभार आपका।

Wednesday, 13 May, 2020  

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