Friday, January 23, 2026

सवाल!

हूं मैं तुम्हारा यार ऐसा ,

कविता का सार जैसा,

प्रेम से गर प्यार ना निभे,

फिर प्यार का इजहार कैसा?



2 Comments:

Blogger सुशील कुमार जोशी said...

सुंदर

Tuesday, 27 January, 2026  
Blogger Admin said...

आपने चार पंक्तियों में सीधी बात कह दी और दिल छू लिया। आपने दोस्ती और प्यार को दिखावे से अलग रखा, यह बात मुझे बहुत पसंद आई। अगर इंसान साथ निभाता नहीं, तो बड़े-बड़े इज़हार का क्या मतलब, आपने बिलकुल सही सवाल उठाया।

Monday, 16 February, 2026  

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