Tuesday, February 10, 2026

वाहियात

आज उन्होंने जैसे मुझे, 

पानी पी-पीकर के कोसा,

इंसानियत से 'परचेत', 

अब उठ गया है भरोसा।


3 Comments:

Blogger Admin said...

आपने कम शब्दों में गहरा दर्द रख दिया। जब अपना ही कोई बार-बार कोसता है, तब भरोसा सच में हिल जाता है। आपने “पानी पी-पीकर” वाला मुहावरा इस्तेमाल करके गुस्सा और कटाक्ष दोनों दिखा दिए।

Friday, 13 February, 2026  
Blogger पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

🙏🙏

Friday, 13 February, 2026  
Blogger सुशील कुमार जोशी said...

सटीक

Saturday, 21 February, 2026  

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