दस्तूर
जिंदगीभर पकते रहे यह सुनते-सुनते
कि नेगेटिव नहीं हमेशा पौजेटिव सोचो,
काश कि जमाने को अस्पताल का
यह दस्तूर भी पता होता कि
नेगेटिव आए तो सही,
पौजेटिव मतलब जेब पर डाका।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
4 Comments:
सही है, कोरोना काल में तो पॉज़िटिव से सब डर जाते थे
नेगेटिविटी में positivity 😇
हा हा
🙏🙏
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