...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
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अधूरा शेर...5
हमसे पूछना है 'परचेत, तो यह पूछो कि किया जाता है कैसे मुस्कुराकर गम छुपाना।
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ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की य...
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तमाम जंगल के बीहड़ों में जो कुछ घटित हो रहा हो, उससे क्या उस जंगल का राजा अंविज्ञ रह सकता है? या फिर यूं कहा जाए कि यदि उसे उसके राज्य मे...
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नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...
कार्टून के माध्यम से क्या खूब कही आपने !
ReplyDeleteबहुत बढ़िया !
मेरे ब्लॉग पर आये और फॉलो करके अपने सुझाव दे !
बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
ReplyDelete--
आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (27-09-2014) को "अहसास--शब्दों की लडी में" (चर्चा मंच 1749) पर भी होगी।
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चर्चा मंच के सभी पाठकों को
शारदेय नवरात्रों की
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
Kya khoob sandesh deta cartoon ...Bahut sunder prastuti....!!
ReplyDeleteKya khoob sandesh deta cartoon ...Bahut sunder prastuti....!!
ReplyDeleteबहुत कुछ कह दिया इस कार्टून के माध्यम से ...
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