Friday, May 28, 2010

हकीकत-ए-शहंशाह !

आज सुबह मेल चेक कर रहा था तो इस मेल पर भी नजर गई ! सोचा, थोडा इसमें तोड़-फोड़कर आपका भी मनोरजन किया जाये ! तो लीजिये, परिवार संग (सिर्फ पति-पत्नी ) मिल-बैठकर एन्जॉय कीजिये ;

हो सकता है कि आप दुनिया के राजा हों !



ये भी हो सकता है कि आप दुनिया में सबसे खतरनाक किस्म के प्राणी हों !



या दुनिया वालों के सामने जबरदस्ती शेर बनने की कोशिश करते हों !



होसकता है कि आप आजाद किस्म के मनमौजी हों !




हो सकता है कि आप दूसरों को अपनी मुट्ठी में रख उनपर हुक्म चलाते हो !




हो सकता है कि दूसरे लोग आपको बहुत प्यार करते हों !




ये भी संभव है कि आप सज्जन किस्म के हों !




या फिर एक खतरनाक हत्यारे हो !



लेकिन सच्चाई यही है कि
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
जब आप अपने घर में होते है तो ....
.
.
.
.
.
..
.
.
.
. .
..
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
बीबी-बीबी होती है



...Does not matter Who the Hell you are ...


















Labels:

18 Comments:

Blogger भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

इसमें भी कोई दो राय है क्या?

Friday, 28 May, 2010  
Blogger शिवम् मिश्रा said...

एक बेहद उम्दा और विचारणीय पोस्ट !
जीवन का सत्य प्रदर्शित करती पोस्ट !!
बधाई और आभार !!

Friday, 28 May, 2010  
Blogger SANJEEV RANA said...

बिलकुल ठीक कहा साहब आपने
अब तो शादी को एक साल हो गया हमारी भी .
और अगर शादी ना होती तो सायद ये सब न जान पाते .

गुरुदास्मान जी का एक गीत याद आता हैं

"थोडा थोडा हसना जरुर चाहिदा "
उसमे उन्होंने बीबी की महिमा का गुणगान पूरे एक पहरे में किया हुआ हैं

"की घर दी लड़ाई डा जवाब ना कोई
बीबी आगे बंदा नवाब ना कोई"


गोदियाल साहब पता नही आपने सुना भी हैं या नहीं

Friday, 28 May, 2010  
Blogger श्यामल सुमन said...

सुन्दर।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com

Friday, 28 May, 2010  
Blogger Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

शत प्रतिशत सच !

Friday, 28 May, 2010  
Blogger kunwarji's said...

):():(

kunwar ji,

Friday, 28 May, 2010  
Blogger मनोज कुमार said...

दुनिया के आगे शेर, बीवी के आगे ढेर!

Friday, 28 May, 2010  
Blogger Ra said...

गुरुदेव ....आपनी अभी शादी नहीं हुई ,,,,फिलहाल तो दूसरो की वीवी से ही डरते है ...डरने में ही भलाई है ,,,जिस दिन कुछ बोले डब्बा गोल :)

Friday, 28 May, 2010  
Blogger राज भाटिय़ा said...

अरे आप भी ना घर की बात थोडे सब को बताते है

Friday, 28 May, 2010  
Blogger arvind said...

बेहद उम्दा और विचारणीय पोस्ट .शत प्रतिशत सच

Friday, 28 May, 2010  
Blogger Unknown said...

काहे पोल खोल रहे हो गोदियाल जी!

Friday, 28 May, 2010  
Blogger संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

:) :) ...बहुत बढ़िया...

Friday, 28 May, 2010  
Blogger Dr. C S Changeriya said...

waqy me khatar nak post he

Friday, 28 May, 2010  
Blogger राजकुमार सोनी said...

क्या बात है गोदियाल जी। मजा आ गया।

Friday, 28 May, 2010  
Blogger डॉ टी एस दराल said...

सभी शेरों का घर में यही हाल होता है ।
अच्छे लगे फोटो।

Friday, 28 May, 2010  
Blogger संजय @ मो सम कौन... said...

गोदियाल साहब, काहे इज्जत का फ़लूदा बना रहे हो शेर सिंह का?
मास्टर जी ने पूछा था कि बताओ शेर से तो सब डरते हैं, शेर भी किसी से डरता है?
जवाब यही आया था, "शेरनी से।"

आनंदम आनंदम॥

आभार।

Friday, 28 May, 2010  
Blogger vandana gupta said...

waah waah...........bahut khoob.

Saturday, 29 May, 2010  
Blogger अरुणेश मिश्र said...

आपने शेरोँ की सीक्रेसी आउट कर दी . मजेदार ।

Saturday, 29 May, 2010  

Post a Comment

Subscribe to Post Comments [Atom]

<< Home