...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
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एहसास
अब छोड देंगे वो भी पीछा करना, हमारी परछाइयों का, उनको भी रास आने लग गया है, आलम ये तन्हाइयों का। इक शुष्क दरिया समझते थे हमें 'परचेत...
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नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...
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ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की य...
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तमाम जंगल के बीहड़ों में जो कुछ घटित हो रहा हो, उससे क्या उस जंगल का राजा अंविज्ञ रह सकता है? या फिर यूं कहा जाए कि यदि उसे उसके राज्य मे...

बड़े पालतू जीव हैं, कैसे होगा हैक |
ReplyDeleteपासवर्ड दे बदल झट, जैसे मोहन मैक |
जैसे मोहन मैक, चिदम्बर चीकू कर दे |
मैडम दस का दम्भ, कहाँ से कोई डर दे |
पास-वर्ड भरमार, बात मत करो फ़ालतू |
पूरा भरा *मकार, आज भी बड़े पालतू ||
* M
हा हा हा....बिल्कुल सटीक.
ReplyDeleteरामराम.