Tuesday, August 4, 2020

मैं क्या बोलूं ?

धर्म-ईमान,
मालूम है, 
यहां सबकुछ,
टके-सेर बिकता है,
और जो खरीददार,
वो वैंसा है नहीं, 
जैंसा दिखता है।

2 Comments:

Blogger सुशील कुमार जोशी said...

सटीक

Tuesday, 04 August, 2020  
Blogger डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

बहुत सुन्दर।
राम मन्दिर के शिलान्यास की बधाई हो।

Wednesday, 05 August, 2020  

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