Thursday, July 2, 2020

कसमरा

मर्ज़ रिवाजों पे, कोरोना वायरसों का सख्त पहरा हैं,
एकांत-ए-लॉकडाउन मे, दर्द का रिश्ता, बहुत गहरा है,
थर्मोमीटर-गन से ही झलक जाती है जग की कसमरा,
 न मालूम ऐ दोस्त, कौनसी उम्मीदों पे, ये दिल ठहरा है ।

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रूबरू बोतल..

औकात मे रह, वरना मैं तुझे फोड डालूंगा... सच्ची कह रहा हूँ... दूर रह मुझसे, वरना...  मैं तुझे तोड डालूंगा। माना कि तुझे मैंने खूब, पिया भी व ...