Thursday, July 2, 2020

कसमरा

मर्ज़ रिवाजों पे, कोरोना वायरसों का सख्त पहरा हैं,
एकांत-ए-लॉकडाउन मे, दर्द का रिश्ता, बहुत गहरा है,
थर्मोमीटर-गन से ही झलक जाती है जग की कसमरा,
 न मालूम ऐ दोस्त, कौनसी उम्मीदों पे, ये दिल ठहरा है ।

1 comment:

मेरा देश महान!

  कुशल नेतृत्व और दृढ़ संकल्प के लिए  ५६ इंच की छाती ढूंढते हैं, और रोज़मर्रा के संचालन के लिए  अनुसूचित जाति, जनजाति ढूंढते हैं