Friday, November 5, 2021

शुभ दीपावली










'दीपोत्सव"

मुल्क़ मे हाकिमों के हुक्मों की गहमा़गहमी़ है।

'दीया' खामोश है और रोशनी सहमी़-सहमी़ है।

डर है, दम घुटकर न मर जाएं, कुछ 'मीं-लार्ड्स',

'भाग' से ज्यादा जीने की, कैंसी गलतफहमी़ है?


7 Comments:

Blogger सुशील कुमार जोशी said...

फिर भी मंगलकामनाएं

Friday, 05 November, 2021  
Blogger शिवम कुमार पाण्डेय said...

शुभ दीपावली।

Friday, 05 November, 2021  
Blogger अनीता सैनी said...

जी नमस्ते ,
आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार(०६-११-२०२१) को
'शुभ दीपावली'(चर्चा अंक -४२३९)
पर भी होगी।
आप भी सादर आमंत्रित है।
सादर

Friday, 05 November, 2021  
Blogger Onkar said...

सुंदर

Saturday, 06 November, 2021  
Blogger Manisha Goswami said...

एकदम सही कहा आपने सर
ही उम्दा रचना!
आपका About बहुत ही अच्छा है!

Sunday, 07 November, 2021  
Blogger मन की वीणा said...

सटीक सार्थक सृजन।

Sunday, 07 November, 2021  
Blogger पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

आभार आपका, मनीषा जी🙏

Sunday, 07 November, 2021  

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