Friday, November 5, 2021
About Me
- Name: पी.सी.गोदियाल "परचेत"
- Location: New Delhi, Delhi, India
ऐसा कुछ भी ख़ास है नहीं बताने को, अपने बारे में ! बस, यों समझ लीजिये कि गुमनामी के अंधेरो में ही आधी से अधिक उम्र गुजार दी !हाँ, अपनी बात कुछ भगत सिंह जी के अंदाज में इस तरह कहूंगा ; इन बिगड़े दिमागों में, ख्वाबों के कुछ लच्छे हैं, हमें पागल ही रहने दो, हम पागल ही अच्छे हैं। साभार, गोदियाल My humble request is to kindly ignore the typographical errors. My fondest wish is to inspire someone else to write something even better than I have done. Look forward to receiving your creative suggestions. regards, Godiyal xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
Previous Posts
- फ़कत़ जिंदा-दिली..
- दौर
- फुलदेई..
- खलिश..
- जम़ाना...
- ऐ जिंदगी...
- तलब
- बुजदिलों,अपना कायरकृत्य 'पुलवामा' देखो...
- असमंजस
- प्रकृति
Subscribe to
Posts [Atom]
7 Comments:
फिर भी मंगलकामनाएं
शुभ दीपावली।
जी नमस्ते ,
आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार(०६-११-२०२१) को
'शुभ दीपावली'(चर्चा अंक -४२३९) पर भी होगी।
आप भी सादर आमंत्रित है।
सादर
सुंदर
एकदम सही कहा आपने सर
ही उम्दा रचना!
आपका About बहुत ही अच्छा है!
सटीक सार्थक सृजन।
आभार आपका, मनीषा जी🙏
Post a Comment
Subscribe to Post Comments [Atom]
<< Home