Wednesday, November 17, 2021
About Me
- Name: पी.सी.गोदियाल "परचेत"
- Location: New Delhi, Delhi, India
ऐसा कुछ भी ख़ास है नहीं बताने को, अपने बारे में ! बस, यों समझ लीजिये कि गुमनामी के अंधेरो में ही आधी से अधिक उम्र गुजार दी !हाँ, अपनी बात कुछ भगत सिंह जी के अंदाज में इस तरह कहूंगा ; इन बिगड़े दिमागों में, ख्वाबों के कुछ लच्छे हैं, हमें पागल ही रहने दो, हम पागल ही अच्छे हैं। साभार, गोदियाल My humble request is to kindly ignore the typographical errors. My fondest wish is to inspire someone else to write something even better than I have done. Look forward to receiving your creative suggestions. regards, Godiyal xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
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6 Comments:
जी नमस्ते ,
आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल गुरुवार(१८-११-२०२१) को
' भगवान थे !'(चर्चा अंक-४२५२) पर भी होगी।
आप भी सादर आमंत्रित है।
सादर
उम्दा, हृदय स्पर्शी!
आभार, आपका🙏
लाजवाब
Thanks, Sir ji.
आपने बहुत कम शब्दों में गहरी बात कह दी। मैं पढ़ते ही उस एहसास से जुड़ गया। हम सब कभी न कभी यही करते हैं, सामने मुस्कुरा लेते हैं और अकेले में टूट जाते हैं। मुझे आपकी सादगी पसंद आई, क्योंकि आपने दर्द को सजाया नहीं, सीधे रखा।
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