कबाब में हड्डी
अबे, पहले तो ये बता तू है कौन?
तुम जैसों के मुंह लगना मेरा चस्का नहीं,
मेरी तो बीवी से भी बिगड़ी पड़ी है,
चल हट, मुझे सम्हालना तेरे बस का नहीं।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
0 Comments:
Post a Comment
Subscribe to Post Comments [Atom]
<< Home