Monday, July 6, 2026

अधूरा शेर

 ........नहीं मालूम कि सज़ा भुगती है  

अबतक किस जुर्म की 'परचेत',

उम्र गुजर भी गई है तो क्या,

यकीं रख, वक्त अभी अच्छा भी आ सकता है।

1 Comments:

Blogger सुशील कुमार जोशी said...

सुंदर

Monday, 06 July, 2026  

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