Tuesday, July 28, 2026

यथार्थता


सफर रुका नहीं और 

मिलते गये काफिले हमको,

शिकवे गले मिले और

दिल पे लगा गये गिले हमको, 

इम्तहानों के दौर से, 

हम बेधडक गुज़रे हैं 'परचेत',

हौंसले रक्त से मिले 

और फैसले वक्त से मिले हमको।


1 Comments:

Blogger सुशील कुमार जोशी said...

सुंदर

Tuesday, 28 July, 2026  

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