नहीं समझोगे ,,,

हमारे लिए तो तुम  हमेशा अहम थे 

मगर पाले तुमने ही  कुछ वहम थे, 

तेरे वास्ते मुसीबतों मे भी मुश्किलों को 

जिसने गले लगाया, वो हम थे,                         

लिबास बदलने से बदल नहीं जाता 

फ़क़त कोई किरदार 'परचेत',

तुम जानते हो, तमाशा खडा करने मे 

वरना हम क्या किसी से कम थे?

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