Monday, July 6, 2026

अधूरा शेर...2

सबकी उलझनों को सुलझाने मे ही बसर गई,

उलझी अपनी भी थी 'परचेत', मगर गुज़र गई...



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अधूरा शेर...3

सच बोलने का फलसफा कुछ ऐसा मिला 'परचेत', कि किसी ने भी बढ़कर कभी गले नहीं लगाया।