अधूरे ख्वाब

खुशियों तक पहुंचने के

दिल मे अरमान बहुत थे,

नहीं पहुंच पाया 'परचेत'

राह मे  तूफान बहुत थे।

Comments

Popular posts from this blog

यूं भी बावफा होते है लोग !

धार्मिक भावनाएं क्या हुई, कोई छुई-मुई हो गई !

'नारी' की चिंता में दुबले कुछ ब्लॉगर मित्र !