Wednesday, December 2, 2009

धुंधलाई यादे !

कल एक आंग्ल भाषा में कविता लिखी थी, "फ़ॉगी मेमोरी" कुछ सम्मानीय पाठको ने उसके अनुवाद की पुरजोर मांग की थी अत: यहाँ उसका छंद क्रमश: अनुवाद प्रस्तुत है, कविता रूपी अंदाज में ढालने के लिए अनुवाद को तोड़ मरोड़ कर पेश कर रहा हूँ ;


मदमस्त तेरा जहां आज भौरों ने घेरा है !,
लेकिन ऐ दोस्त ! तुझे याद है कि
तेरा प्यार ही तो यहाँ,सब कुछ मेरा है !!
तुम्हे बताऊ,तुम्हे भुलाना नामुमकिन है !
युगों से मेरा दिल,
ज्यों किसी बूढ़े खलिहान की तरह
टूटकर हो गया छिन्न-भिन्न है !!

I know, your life is full of bumblebee,
But, your love is everything for me .
do you remember, eh, Mate ?
you are so hard, so hard to forget.
I miss you, I wanna tell you,
for epoch,an old barn falling apart!
across the inner circle of my heart !!


तकदीर का उसकी ख़याल न कर,
जो तुमने लिखे प्यार के चार अक्षर ,
नहीं मालूम कि
जान के लिखा था या अनजाने में !
ताजे बर्फ की उस चादर पर ,
तुम्हारी कला के हर कण ने
क्या खुशी भरी थी मेरे दिल के तहखाने में !!
Once, without knowing its fate,
You wrote ‘l’ ‘o’’v’’e’, four alphabets.
willingly or unwillingly don’t know,
Like on the keffiyeh of fresh snow.
And gladness filled
every ounce of your art !
across the inner circle of my heart !!


मेरा पागलपन कह लो इसे मगर,
तुम रुकी थी वहाँ , मेरे दिल के बीचो-बीच ,
और मासूमियत से यह उल्लेख किया था
कि तुमने मुझसे प्यार किया !
और फिर प्यार से इसतरह मारा
कि एक तीर
मेरे दिल के पार उतार दिया !!
At middle of the circle on a hoarding,
It looks funny, but you had a boarding.
and you mentioned innocently there,
“I love you so much, oh, my dear”
You killed me loftly-softly
with a dart !
across the inner circle of my heart !!


धीमे से वहाँ बैठकर रंगने लगी थी
तुम मेरे दिल को यों,
सच है न ? फिर तस्वीर बिगड़ी
अचानक क्यों ?
याद करो उन खुशनुमा पलो में !
मै चुस्त और तुम अभी भी ख़ूबसूरत
चलकर बस जाए फिर से दिलो में !!
You sat down slowly and began to paint,
and you colored entire my heart, ain’t ?
why painting turned suddenly so bad ?
Remember the good times that we had?
you’re equally beautiful,
‘m smart !
across the inner circle of my heart !!


बिना किसी द्वेष और हिचक के
आ जाओ तुम मेरे पास, तुम्हारा स्वागत है
कोई बोझ नहीं, कोई कर नहीं !
जब चाहो उतर आना दिल में गाडी समेत ,
दिल की सड़क हर वक्त खुली है,
और उसमे कोई दर नहीं !!
Without any hesitation and malice
you are always welcome at my place
no levy, no toll-tax, no gate even
anytime, as the road is open 24x7
you can joy drive in
with your cart !
across the inner circle of my heart !!

11 comments:

  1. bahut hi sundar bhav aur shabd vinyas to lajwaab hai.

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  2. अच्‍छा लगा यह अनुवाद भी !!

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  3. सुंदर कविता गोदियाल साब, आभार

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  4. सुंदर कविता........अच्‍छा लगा यह अनुवाद............

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  5. बहुत सुंदर रचना.

    रामराम.

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  6. कविता तो बढ़िया है ही साथ ही साथ यह आपकी नई स्टाइल मतलब अँग्रेज़ी में अनुवाद भी बढ़िया लगा सुंदर भाव से सजी कविता अब हिन्दी और अँग्रेज़ी दोनों भाषाओं में प्रस्तुत है..बहुत बढ़िया ..बधाई

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  7. सरस, रोचक रचना के लिए बधाई।

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  8. हिन्दी में भी कविता के भाव अति सुंदर बनकर आए हैं।
    पढ़कर मन गदगद हो गया। आभार

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  9. वाह.......!
    जितनी सुन्दर कविता,
    उतना ही सुन्दर अनुवाद!
    बधाई!

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  10. Kya khoob translation kiya hai bhai.

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