Thursday, April 22, 2010

किसी सज्जन ने अपने इस भाई की सुद ली ?



जैसा कि आप सभी जानते है कि हाल ही में आइसलैंड के ज्वालामुखी विस्फोट ने पूरे यूरोप में ही नही बल्कि दुनियाभर में तहलका मचा दिया ! समय बलवान होता है, अत: सभी कुछ शनै:-शनै: सामान्य स्थिति में आ जाएगा ! लेकिन जिस रोज यह घटना घटी , मेरे जहन में सर्वप्रथम उपरोक्त क्लस्टर मानचित्र ही कौंधा ! और कौंध गया यह सवाल कि अपना वह हिन्दुस्तानी भाई किन परिस्थितियों में होगा, जो रोजी-रोटी के खातिर अपनी माटी से दूर उस निर्जन बर्फीले प्रदेश में रहता है ? इस दौरान वह सज्जन किस मानसिक तनाव से गुजर रहे होंगे , हम महसूस कर सकते है !

आइये, हम सब मिलकर यह कामना करें कि वे जो कोई भी हों, अगर इस हादसे के वक्त वहाँ पर ही रहे हों, तो सुरक्षित और सकुशल होंगे, और भगवान् उन्हें सुखमय लम्बी उम्र दे !

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13 Comments:

Blogger SANJEEV RANA said...

godiyal sahab bsfs dil rakho jab aisi aapda ki baat par kushlata ki kaamna hi kar rahe ho to un sabhi ke liye karo jo waha rahte h chahe hamare bhai ho chahe na ho
thik h na
bhagwaan un sab ko slamat rakhe aur agar kast bhi de to use sahan karne ki himmat bhi de

Thursday, 22 April, 2010  
Blogger पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

संजीव राणा जी, आपकी बात से सहमत मगर यदि यह पाठक इस क्लस्टर मैप के माध्यम से ध्यान में नहीं होता तो क्या हम किसी की भी कुशलता की कामना प्रकट कर रहे थे क्या ? नहीं !इसीलिए मैंने व्यक्ति विशेष का जिक्र किया !

Thursday, 22 April, 2010  
Blogger honesty project democracy said...

अच्छी मानवता पे आधारित विवेचना के लिए धन्यवाद / वैकल्पिक मिडिया के रूप में ब्लॉग और ब्लोगर के बारे में आपका क्या ख्याल है ? मैं आपको अपने ब्लॉग पर संसद में दो महीने सिर्फ जनता को प्रश्न पूछने के लिए ,आरक्षित होना चाहिए ,विषय पर अपने बहुमूल्य विचार कम से कम १०० शब्दों में रखने के लिए आमंत्रित करता हूँ / उम्दा देश हित के विचारों को सम्मानित करने की भी वयवस्था है / आशा है आप अपने विचार जरूर व्यक्त करेंगें /

Thursday, 22 April, 2010  
Blogger राज भाटिय़ा said...

पी.सी.गोदियाल साहब भगवान का शुक्र है कि यहां भारत की निक्कमी सरकार नही, इन सब लोगो का ध्यान यहां की सरकार ने रखा है, ओर सब सुर्क्षित है, वेसे वहां बहुत ही कम आबादी है, ओर जहां जवाला मुखी फ़टा है उस जगह ओर उस के आस पास कोई भी नही रहता, चारो ओर बर्फ़ ही बर्फ़ है.
धन्यवाद इस सुंदर संदेश के लिये

Thursday, 22 April, 2010  
Blogger SANJEEV RANA said...

godiyal sahab aapki nistha pe koi shak nhi. mein aapse poori tarah se sahmat hu.
m ye samajh baitha tha ki aap kisi vyakti vishesh ki baat kar rahe h
vaise aapne sarahniy kaam kiya h is post ke dwara varna mujhe kuch bhi nhi pata chal pata is sab ke baare me
so thanks

Thursday, 22 April, 2010  
Blogger दिगम्बर नासवा said...

ऐसा कोई समाचार सुनने में नही आया ... फिर भी सबकी कुशलता की कामना करते हैं आपके साथ ....

Thursday, 22 April, 2010  
Blogger मनोज कुमार said...

ईश्‍वर से यह कामना है कि वे जो कोई भी हों, अगर इस हादसे के वक्त वहाँ पर ही रहे हों, तो सुरक्षित और सकुशल होंगे, और भगवान् उन्हें सुखमय लम्बी उम्र दे!

Thursday, 22 April, 2010  
Blogger kunwarji's said...

"ईश्‍वर से यह कामना है कि वे जो कोई भी हों, अगर इस हादसे के वक्त वहाँ पर ही रहे हों, तो सुरक्षित और सकुशल होंगे, और भगवान् उन्हें सुखमय लम्बी उम्र दे!"

Thursday, 22 April, 2010  
Blogger Arvind Mishra said...

जी बिलकुल हम मन से साथ हैं !

Thursday, 22 April, 2010  
Blogger Yugal said...

भगवान जरूर भला करेगा

Thursday, 22 April, 2010  
Blogger vandana gupta said...

यही कामना है सब कुशल हों।

Thursday, 22 April, 2010  
Blogger विनोद कुमार पांडेय said...

गोदियाल जी प्रार्थना ही कर सकते है कि भगवान सभी की किसी भी प्रकार की दैविक या प्राकृतिक आपदा से मुक्त रखे..पर प्रकृति पर हो रहे निरंतर अत्याचार का प्रतिफल भी तो हम सभी को ही भुगतना होगा....यहाँ कुछ सोचने के ज़रूरत है....बाकी तो हमारी दिल से प्रार्थना है की विश्व-समुदाय सुखी हो और प्रसन्न हो...

Friday, 23 April, 2010  
Blogger परमजीत सिहँ बाली said...

प्रभु सदैव सबकी रक्षा करें।

Friday, 23 April, 2010  

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