Thursday, April 8, 2010

बस एक ख़याल यूँ ही...


मजहब और खुदा का वास्ता देकर लगातार झूठ पर झूठ, और फिर सब कुछ कबूल ! हम तो यह भी नहीं पूछते कि पहले क्यों ना-नुकुर कर रहे थे जनाब ?और बन्दे की हिम्मत देखिये, अपने दुश्मन देश की पहले एक लडकी को बीबी बनाया, ऐश किये और फिर तलाक देकर, चौड़ा होकर दूसरी लडकी को बीबी बनाने ले जा रहा है! और लोग तथा मीडिया ७६ जवानो की निर्मम ह्त्या की खबर को अनदेखा कर उसकी खातिरदारी और प्रचार (टी आर पी ) में जुटे है! फर्ज कीजिये कि अगर शोएब भारतीय होता और आयशा-सानिया पाकिस्तानी , और यही कुछ उस वक्त भी होता तो क्या उसके वहाँ से सही-सलामत लौट आने की उम्मीद की जा सकती थी ? बस इतना ही कहूंगा कि धन्य है...............!!!

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24 Comments:

Blogger M VERMA said...

धन्य है...............!!! सच में

Thursday, 08 April, 2010  
Anonymous Anonymous said...

सही कहा आपने
अगर शोयब हिन्दुस्तानी होता तो अभी तक तो नामो निशाँ मिट गया होता
सच में धन्य है भारत के लोग सच में कितनी सहिस्नुता है इनमे ??

Thursday, 08 April, 2010  
Blogger मनोज कुमार said...

आपसे सहमत।

Thursday, 08 April, 2010  
Blogger Unknown said...

इनको सब माफ है। ये हन्दू थोड़े ही है।

Thursday, 08 April, 2010  
Blogger संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत ज्वलंत प्रश्न ....

Thursday, 08 April, 2010  
Anonymous Anonymous said...

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Thursday, 08 April, 2010  
Blogger RAJ SINH said...

भय्या इतिहास बांच ओ .कोई नयी बात है क्या .

Thursday, 08 April, 2010  
Blogger डॉ. महफूज़ अली (Dr. Mahfooz Ali) said...

गोदियाल जी ,

नमस्कार....

मैं वापिस आ गया हूँ..... बहुत ख़ुशी हुई यह देख कर कि टिप्पणी का ऑप्शन आपने खोल दिया..... अब विचारों का प्रवाह मेरा....रुकेगा नहीं....

सादर

महफूज़...

Thursday, 08 April, 2010  
Blogger अनामिका की सदायें ...... said...

apki baat se puri tarah sehmat hu. kash is mudde ko is roop me uthaya jaye.

Thursday, 08 April, 2010  
Blogger संजय भास्‍कर said...

khushkhabri mehfooz bhai vapas aa gye hai
godiyaal sir ki post par comment ayaa hai..

Friday, 09 April, 2010  
Blogger संजय भास्‍कर said...

सही कहा आपने

Friday, 09 April, 2010  
Blogger Taarkeshwar Giri said...

Hindustan main ladko ki kami ho gai hai kya ?

Friday, 09 April, 2010  
Blogger Udan Tashtari said...

हमारा सुर: धन्य है/....

Friday, 09 April, 2010  
Blogger ताऊ रामपुरिया said...

पुरातन बात है जी. नमन.

रामराम.

Friday, 09 April, 2010  
Blogger पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

फिर से स्वागत है महफूज भाई आपका ! और हाँ, मेरी तरफ से वधाई स्वीकारे !

Friday, 09 April, 2010  
Blogger Anil Pusadkar said...

सहमत हूं आपसे और आपके ही जरिये महफ़ूज़ का स्वागत कर लेता हूं और उन्हे बधाई भी देता हूं।

Friday, 09 April, 2010  
Blogger Pt. D.K. Sharma "Vatsa" said...

पहले तो ये मियाँ जी कह रहे थे कि ये मेरी महाआपा(बडी बहन) है,बाद में बीबी मान लिया:-)
धन्य हो!

Friday, 09 April, 2010  
Blogger Pt. D.K. Sharma "Vatsa" said...

This comment has been removed by the author.

Friday, 09 April, 2010  
Blogger kunwarji's said...

वत्स जी,आप की बात पर मै उसको "मुसलमान" कह दूं तो.....
चलो छोडो!नहीं कहता,मेरे कहने से वो बदल थोड़े ही जाएगा!अब उन में चलता होगा ये सब,हम क्यों गन्दगी में पत्थर मेरे जी!
और गोदियाल जी,आपने बात को बिलकुल सही तरीके से पकड़ा है!
पर हिन्दुस्तानियों को तो सिर्फ पेट भरने के चक्कर ने जकड़ा है!
कुंवर जी,

Friday, 09 April, 2010  
Blogger Sulabh Jaiswal "सुलभ" said...

धन्य है!

अजी वही पुराना वोट बैंक जिसके आगे सब ठीक है!

Friday, 09 April, 2010  
Blogger vandana gupta said...

आप की बात से सहमत हूं……………।मगर ये हिन्दुस्तान है……………यहाँ दुश्मन को भी गले लगाया जाता है…………इसे सिद्ध किया जा रहा है…………धन्य है सच में

Friday, 09 April, 2010  
Blogger डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

बड़ी शिद्दत के सथ पढ़ा है आपकी पोस्ट को!

Friday, 09 April, 2010  
Blogger Gyan Darpan said...

आपसे 100% सहमत

Friday, 09 April, 2010  
Blogger दिगम्बर नासवा said...

सच मच ... धनी है हमारा मीडीया ... जान की नही स्टेटस की परवा, पैसे की परवा करता है ...

Saturday, 10 April, 2010  

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