तुझको नम न मिला
और तू खिली नहीं,
ऐ जिन्दगी !
मुझसे रूबरू होकर भी
तू मिली नहीं।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
क्या बताऊं कि ये चोंतीस साल कैसे बीते, किस मुस्किल में हर लम्हा गुजरा जीते-जीते, याद तो होगा तुमको कि मैंने तुम्हें भी न्योता दिया था, जव...
वाह
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ReplyDeleteWahhh
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Deleteबहुत अच्छा
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