Saturday, December 6, 2025

उलझनें

 थोडी सी बेरुखी से  हमसे जो

उन्होंने पूछा था कि वफा क्या है,

हंसकर हमने भी कह दिया कि

मुक्तसर सी जिंदगी मे रखा क्या है!!


2 Comments:

Blogger दिगम्बर नासवा said...

सही कहा अपना ...

Saturday, 06 December, 2025  
Blogger Admin said...

वाह, आपने तो दो ही शेरों में पूरा रिश्ता खोल कर रख दिया। मुझे इसमें हल्की सी तंज भी दिखती है और गहरी सी चोट भी। जब कोई बेरुखी से वफ़ा पूछता है, तब सवाल से ज़्यादा उसका अंदाज़ चुभता है। आपने जो जवाब दिया, उसमें एक तरह की थकान और सच्चाई दोनों झलकती हैं।

Wednesday, 18 February, 2026  

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