मैं सो रहा हूं मर्जी के हिसाब से,
मुझे अपनी मर्जी के हिसाब से जागना है,
मत रुको मेरे लिए, ऐ ज़िन्दगी,
तू भाग ले, जितनी तेजी से तुझे भागना है।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
मैं सो रहा हूं मर्जी के हिसाब से, मुझे अपनी मर्जी के हिसाब से जागना है, मत रुको मेरे लिए, ऐ ज़िन्दगी, तू भाग ले, जितनी तेजी से तुझे भागना ह...
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