...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
आज जैसे उन्होंने मुझे, पानी पी-पीकर कोसा,
इंसानियत से 'परचेत', अब उठ गया भरोसा।
मार्च तक का ब्रेक ले रहा हूं, मतलबी दोस्तों 🙏
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