कोप

शरीक हुए थे जो कल के  कवि सम्मेलन में,

वो सब के सब, एक ही थाली के चट्टे-बट्टे थे,

एक से बढ़के एक पैदाइशी चमचे, तलवेचाट,

बस,यही कहूंगा कि सबके सब उल्लू के पठ्ठे थे।🤣


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