नासमझ

मुहब्बत के खातिर तुम्हारी हर बगावत की,

हमेशा ही अगुवाई करता,

फक़त ख्वाबों में ही मुहब्बत की दुहाई दोगे

तो 'परचेत', अंजाम यही होगा।



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