Sunday, February 1, 2026

नासमझ

मुहब्बत के खातिर तुम्हारी हर बगावत की,

हमेशा ही अगुवाई करता,

फक़त ख्वाबों में ही मुहब्बत की दुहाई दोगे

तो 'परचेत', अंजाम यही होगा।



1 comment:

इल्तज़ा

  मोहब्बत मे, आंखों मे भर आए आंसुओं को गिरने न देना 'परचेत', क्योंकि प्यार के आंसू ही रूह की खुराक होते हैं।